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10 god promises : मनुष्य से परमेश्वर के 10 वादे | मैं तुम्हारा चंगा करने वाला यहोवा हूं

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मनुष्य से परमेश्वर के 10 वादे

बाइबिल परमेश्वर के वादों से भरी हैं. और प्रत्येक वादा परमेश्वर की निष्ठा और संप्रभुता की याद दिलाता है, भले ही हमारी परिस्थितियाँ हमें झकझोर कर रही हों. जब हमारा भविष्य अंधकारमय लगने लगता है, तब परमेश्वर के वादे ही उसके कोमल स्वभाव को हमारे सामने पेश करते हैं. और उसका विनम्र स्वभाव हमें उस पर भरोसा करने के लिए प्रेरित करता हैं. परमेश्वर और उसके वादों पर भरोसा रखने से मुश्‍किल-से-मुश्‍किल हालात में भी हमें दिलासा मिल सकता है. हर हालत में हमें परमेश्वर के वचन सहायता की उम्मीद देते हैं.

हमें शत्रु के झूठ का मुकाबला करने के लिए परमेश्वर के वादों को जानना होगा. जब हमारी भावनाएँ चिल्ला रही हों कि जीवन फिर कभी अच्छा नहीं होगा तो हमें परमेश्वर के वादों पर कायम रहने की आवश्यकता है. परमेश्वर के वादे हमारी आशा का आधार हैं. क्योंकि यदि परमेश्वर ने इसका वादा किया है, तो हम इस पर भरोसा कर सकते हैं, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों या कितना भी लंबा इंतजार करना पड़े. क्योंकि वह अपने वादे को पूरा करने में विश्वासयोग्य हैं.

परमेश्वर द्वारा मानव जाति से किए गए 7,000 से अधिक वादे बाइबल में दर्ज हैं. ये वे वादे हैं जो आपको उसके दिव्य स्वभाव को साझा करने और मानवीय इच्छाओं के कारण होने वाले दुनिया की भ्रष्टता से बचने में सक्षम बनाते हैं. आज न केवल परमेश्वर के वादे हमारे लिए हैं, बल्कि पवित्रशास्त्र हमें उनका जवाब देने के लिए कहता है, जिसका अर्थ है कि हम प्रार्थना करते हैं कि वे हर दिन हमारे जीवन की स्थितियों में लागू हों.

तो हमें परमेश्वर के किन वादों को जानना चाहिए और उनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए जिससे ईश्वर पर भरोसा करने से आराम और आत्मविश्वास पैदा हो. आइए आज परमेश्वर के उन 10 promises of God to man पर एक नज़र डालें जब आपको आशा की आवश्यकता हो.

मनुष्य से परमेश्वर के 10 वादे [10 god promises]

1. परमेश्वर आराम देने का वादा करते हैं.

परमेश्वर अपने बच्चों को हर प्रकार के कष्टों से आराम देने का वादा करते हैं. मत्ती 11:28 में लिखा हैं, “हे सब परिश्रम करनेवालो और बोझ से दबे हुए लोगो, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।” इसमें शारीरिक कष्ट ही नहीं अगर यदि कोई व्यक्ति अपने आप को पाप के बोझ में दबा हुआ समझता है, खुद को पापी समझता है, और मत्ती 11:28 में लिखा हुआ वचन को ग्रहण करता है, तो प्रभु यीशु उस व्यक्ति को सचमुच पाप के बोझ से विश्राम दे सकते हैं.

2. परमेश्वर सभी जरूरतों को पूरा करने का वादा करते हैं

जब हम किसी भी चीज की कमी महसूस करते हैं तो, परमेश्वर हमें आश्वत करते है कि वह हमारी हर जरूरतों को पूरा करेगा. फिलिप्पियों 4:19 में पौलुस लिखते हैं, और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा।’ और ये सच है, क्योंकि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को हमारे लिए दे दिया, तो फिर हमारी जरूरतों को वह क्यों ना पूरा करेंगे. बस हमें उसकी आज्ञाओंकों मानकर उसके दिखाए मार्ग पर चलना हैं.

3. परमेश्वर प्रार्थनाओं का उत्तर देने का वादा करता है

परमेश्वर हर किसी की प्रार्थना सुनता हैं. नम्रता और पूरी सच्चाई के साथ की गई प्रार्थना को परमेश्वर सुनता हैं. भजन संहिता 145:18, 19 में लिखा है: ‘जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है. वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, ओर उनकी दोहाई सुन कर उनका उद्धार करता है.’ ज़रा एक पल रुककर सोचिए कि इसका क्या मतलब है. सारी दुनिया का बनानेवाला सर्वशक्तिमान परमेश्वर हमारे करीब है और अगर हम ‘उसको सच्चाई से पुकारें’ तो वह हमारी सुनता है. वाकई, हम इंसानों के लिए यह बड़े सम्मान की बात है कि हम प्रार्थना में यहोवा से बात कर सकते हैं.

4. परमेश्वर भलाई के लिए सब कुछ करने का वादा करता है.

रोमियों 8:28 में लिखा है, हम जानते हैं कि जो लोग परमेश्‍वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती हैं; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उसकी इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं.

जब हम परमेश्वर पर भरोसा करते है, और उससे प्यार करते हैं, तो वह हमारी भलाई ही सोचता हैं, उसकी दृष्टी हमारे पर बनी रहती हैं. युसूफ की ओर देखे, जब उनके भाइयों ने उसे धोखा देते हुए व्यापारियों को बेच दिया था. पर परमेश्वर की दृष्टि उस पर थी. परमेश्वर ने यूसुफ के लिये भली योजना रखी थी और यह पूर्णता में आया. यह बात हम सब के लिये भी सही हैं. यदि हम लगातार विश्वास करते रहेंगे कि परमेश्वर हमारे भलाई के लिये काम करता है, और हम लगातार उसके स्वरूप में बदलते जा रहे हैं, तो शैतान हमें पराजित नहीं कर सकता.

5. परमेश्वर साथ रहने का वादा करता है.

परमेश्वर हमारी हर परिस्थिति में साथ रहकर हमारी मदद करता हैं. हमारे शत्रुओं के सामने हमारी ढाल बनता हैं, संकट के समय में वह हमारा सहारा बनता हैं. यहोशू 1:5 में लिखा है, “तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा.”

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6. परमेश्वर रक्षा करने का वादा करता है.

परमेश्वर अपने बच्चों की सुरक्षा करने का वादा भी करते हैं. भजन संहिता 91:11 में लिखा क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें. यहाँ हम आपको भजन संहिता 91 का पूरा अध्याय पढ़ने की सलाह देंगे, जिसमें अपनी सुरुक्षा को लेकर बताया गया हैं.

7. परमेश्वर पाप से मुक्ति का वादा करते हैं.

पाप लोगों को बदल देता है, फसाता है, लोगों के मन को कठोर कर उनकी परमेश्वर के प्रति अभिलाषा और अच्छाई की चाह को भी छीन लेता है. पाप लोगों को परमेश्वर से अलग करता है. तो फिर हर विश्वासी को जैसे परमेश्वर पवित्र हैं वैसे ही पवित्र होना चाहिए.

अनन्तकाल के जीवन के लिए पापों से मुक्ति जरुरी हैं. और परमेश्वर उस पर विश्वास करने वाले हरेक से ये वादा करता हैं कि, वह उन्हें पापों से मुक्त करेगा. पहले युहन्ना 1:9 में लिखा है, यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है.

8. परमेश्वर हर प्रकार के रोगों से छुड़ाने का वादा करते हैं.

परमेश्वर आपसे हर प्रकार के रोगों से चंगाई देने का वादा भी करते हैं. भजन संहिता 103:2 में लिखा हैं, “वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है.”

निर्गमन 15:26 में लिखा हैं, “कि यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा का वचन तन मन से सुने, और जो उसकी दृष्टि में ठीक है वही करे, और उसकी आज्ञाओं पर कान लगाए, और उसकी सब विधियों को माने, तो जितने रोग मैं ने मिस्रियों पर भेजा है उन में से एक भी तुझ पर न भेजूंगा; क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करने वाला यहोवा हूं”

9. परमेश्वर शांति का वादा करते हैं.

दुनिया में देखे तो शांति नहीं हैं, पर जो परमेश्वर पर भरोसा करते हैं उन्हें परमेश्वर शांति देने का वादा करते हैं. यशायाह 26:3 में लिखा हैं ,”जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है”

10. परमेश्वर अनन्त जीवन का वादा करता है.

अनंत जीवन का जिक्र युहन्ना 3:16 में किया गया हैं. लिखा हैं, “क्योंकि परमेश्‍वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्‍वास करे वह नष्‍ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए.” प्रियजनों मसीही जीवन का मकसद ही ये है कि, जब वह सांसारिक जीवन त्याग देगा तो वह अनंत जीवन पाए. और पिता के साथ स्वर्ग में रहे. परमेश्वर उसपर भरोसा करने वाले से वादा करता है कि, वह उसे अनंत जीवन देगा.

तो प्रिय, आपने जान लिया की परमेश्वर ने आपसे क्या वादा किया हैं. हमने यहाँ सिर्फ 10 god promises के बारे में जिक्र किया हैं. पर बाइबिल में खूब सारे परमेश्वर के वादों के बारे में बताया गया हैं. और हाँ, जिन्हें पूरा करने में परमेश्वर विश्वासयोग्य हैं. तो प्रिय, परमेश्वर के वचन को खोजना जारी रखना और उन सभी वादों को अस्तित्व में लाने के लिए ध्यान करना, याद रखना और प्रार्थना करना जो एक आस्तिक के रूप में आपके लिए उपलब्ध हैं. जैसा कि आप करते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर आपके जीवन में अपने वादों को पूरा करके आपके विश्वास जरुर मजबूत करेंगे.

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